मुख्य बातें
- शहरी भारत में लगभग 10 में से 1 वयस्क को हाइपोथायरॉइडिज़्म है; एक-तिहाई को पता नहीं।
- इससे आम तौर पर कुछ ही किलो वज़न बढ़ता है।
- इलाज वाला हाइपोथायरॉइडिज़्म हो तो ज़्यादातर लोग GLP-1 दवा ले सकते हैं।
- Medullary थायराइड कैंसर या MEN2 का अपना या पारिवारिक इतिहास हो तो ये नहीं दी जातीं।
थायराइड वज़न पर कैसे असर करता है
थायराइड हॉर्मोन कम होने पर मेटाबॉलिज़्म धीमा होता है, थकान और कब्ज़ होती है और शरीर में पानी रुकता है। इससे कुछ किलो वज़न बढ़ सकता है, लेकिन ज़्यादा मोटापे का मुख्य कारण अक्सर थायराइड नहीं होता।
जाँच कराएँ
थकान, वज़न बढ़ना, बाल झड़ना, ठंड लगना या अनियमित पीरियड्स हों तो TSH की जाँच कराएँ। Lean Life में शुरुआत में ही ब्लड टेस्ट होते हैं।
क्या GLP-1 दवा ले सकते हैं?
हाँ, अगर हाइपोथायरॉइडिज़्म का इलाज चल रहा है और रिपोर्ट ठीक है, तो ज़्यादातर लोग ये दवाइयाँ ले सकते हैं। लेकिन अगर आपको या परिवार में किसी को medullary थायराइड कैंसर या MEN2 हुआ हो, तो ये नहीं दी जातीं।
थायराइड की गोली सही तरीके से
- सुबह ख़ाली पेट, पानी के साथ, नाश्ते से 30 से 60 मिनट पहले।
- कैल्शियम, आयरन या चाय-कॉफ़ी के साथ नहीं।
- वज़न घटने पर डोज़ बदल सकती है, इसलिए TSH जाँच कराते रहें।
Lean Life में इलाज कैसे होता है
सवाल
क्या थायराइड ठीक होने पर वज़न अपने आप घट जाएगा?
कुछ किलो घट सकते हैं, लेकिन ज़्यादा वज़न के लिए डाइट, कसरत और कभी-कभी दवा की ज़रूरत होती है।


