मुख्य बातें
- एस्ट्रोजन घटने पर चर्बी पेट की ओर जाती है, ज़्यादा खाए बिना भी।
- प्रोटीन, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और नींद पहले से ज़्यादा ज़रूरी हैं।
- मेनोपॉज़ के बाद भी GLP-1 दवाइयाँ काम करती हैं; डॉक्टर दिल और हड्डियों की जाँच पहले करते हैं।
- हड्डियों और मांसपेशियों को बचाना प्राथमिकता है।
वज़न क्यों बढ़ता है
मेनोपॉज़ के आसपास एस्ट्रोजन घटता है, मांसपेशियाँ धीरे-धीरे कम होती हैं और मेटाबॉलिज़्म धीमा होता है। नींद ख़राब होना और तनाव भी भूख बढ़ाते हैं। नतीजा: पेट के आसपास चर्बी।
क्या मदद करता है
- हर खाने में प्रोटीन: दाल, पनीर, दही, अंडा या मछली।
- हफ़्ते में 2 से 3 बार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, ताकि मांसपेशियाँ और हड्डियाँ मज़बूत रहें।
- कैल्शियम और विटामिन D का ध्यान।
- 7 से 8 घंटे की नींद।
क्या GLP-1 दवाइयाँ ले सकते हैं?
हाँ, मेनोपॉज़ के बाद भी ये दवाइयाँ काम करती हैं। इस उम्र में डॉक्टर पहले दिल, हड्डियों और मांसपेशियों की स्थिति देखते हैं, और InBody से मांसपेशियों पर नज़र रखी जाती है।
Lean Life में इलाज कैसे होता है
सवाल
क्या HRT लेने से वज़न घटेगा?
HRT मेनोपॉज़ के लक्षणों का इलाज है, वज़न घटाने का नहीं। कुछ शुरुआती स्टडी बताती हैं कि यह GLP-1 के साथ थोड़ी मदद कर सकता है। अपने गायनेकोलॉजिस्ट से बात करें।
स्रोत
- Mayo Clinic News Network. Hormone therapy linked to greater weight loss with tirzepatide in postmenopausal women (Lancet Obstetrics, Gynaecology and Women's Health), January 2026
- Mozaffarian D et al. Nutritional priorities to support GLP-1 therapy for obesity: a joint advisory from the American College of Lifestyle Medicine, American Society for Nutrition, Obesity Medicine Association and The Obesity Society. 2025


